Saturday, July 13, 2024

आखिर क्यों हो रही इस मस्जिद की इतनी चर्चा

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कई सालों का उलझा विवाद 22 जनवरी 2024 को खत्म हुआ और प्रभु श्री राम अपने घर अयोध्या वापस आए जिनका पूरे जोरों शोरों के साथ देशवासियों सहित अयोध्या नगरी में भाव्य स्वागत किया गया तो वही मुस्लिम वर्ग भी इसमें खुश होते हुए नजर आए ।और अब उनके लिए सरकार एक सौगात लाई है मस्जिद के रूप में जी हां अयोध्या में ही राम मंदिर से कुछ किलोमीटर दूर एक मस्जिद बन रही है वह भी एकदम भाव्य ।उसमें क्या है ऐसा खास, क्यों हो रही है अब उस मस्जिद की इतनी चर्चा,

अयोध्या में बनने वाली इस मस्जिद का नाम मस्जिद मोहम्मद बिन अब्दुल्ला है. और यह राम मंदिर से लगभग 26 किलोमीटर दूर अयोध्या के धनीपुर में बन रही है. इसके साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है की ये मस्जिद ताजमहल से भी ज्यादा खूबसूरत होगी. मिली जानकारी के मुताबिक मस्जिद की जमीन को उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या विवाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मुसलमानों को दिया था.

मस्जिद मोहम्मद बिन अब्दुल्ला डेवलपमेंट कमेटी के अध्यक्ष बीजेपी नेता हाजी अराफात शेख ने इस मस्जिद से जुड़े कई राज बताएं है और कहा कि अयोध्या में बनने वाली नई मस्जिद भारत में सबसे बड़ी होगी. और साथ ही बताया की अयोध्या में प्रस्तावित मस्जिद में पहली इबादत मक्का के इमाम या इमाम-ए-हरम अब्दुल-रहमान अल-सुदैस की तरफ से की जाएगी. मक्का के इमाम के साथ साथ अरब देशों के बड़े नामी मुस्लिम हस्तियों को भी न्योता दिया जायेगा.

और तो और हाजी अराफात शेख ने यह भी दावा किया है कि इसकी सुंदरता ताजमहल को मात दे देगी. उन्होंने कहा कि जब शाम ढलेगी, शाम की नमाज के साथ मस्जिद में फव्वारे जीवंत हो उठेंगे. ये ताजमहल से भी अधिक सुंदर होगा और सभी धर्मों के लोग शांति और सद्भाव के लिए इस मस्जिद को देखने आएंगे. अयोध्या केी मस्जिद की इमारत धार्मिक और तकनीकी का भी संगम होगा. एक प्रमुख आकर्षण वजू खाना या स्नान स्थान के पास विशाल एक्वारियम होगा, जिसमें पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग खंड होंगे.

हालांकि, मिली जानकारी के अनुसार वे सभी यहां प्रार्थना नहीं कर सकेंगे. हाजी अराफात शेख के मुताबिक, इस मस्जिद में 5,000 पुरुषों और 4,000 महिलाओं समेत 9,000 श्रद्धालु एक साथ नमाज अदा कर सकेंगे. वहीं अगर मस्जिद के निर्माण की बात करें तो मस्जिद में 5 मीनारें होंगी जो इस्लाम के पांच स्तंभों नमाज, रोज़ा , जकात, तौहीद और हज का प्रतीक होंगी.

उन्होंने बताया कि पूरे मस्जिद परिसर में संसाधनों के माध्यम से अतिरिक्त भूमि की खरीद के साथ, चिकित्सा, शैक्षिक और सामाजिक सुविधाएं भी होंगी. इस मस्जिद के अलावा परिसर में एक 500 बेड वाला कैंसर अस्पताल, स्कूल और लॉ कॉलेज, और पुस्तकालय आदि , एक पूरी तरह से शाकाहारी रसोईघर भी होगा, जहां लोगों को मुफ्त भोजन दिया जाएगा.

तो इस मस्जिद के निर्माण से यह तो तय है की इस मस्जिद का निर्माण कई भले कार्यों को अंजाम देगा, और जरूरतमंदों की मदद में भी सहाय होगा,और इस मस्जिद के निर्माण के बाद कई प्रतिष्ठित लोगो का आगमन होगा। कई लोगो का ये भी मान ना है की अयोध्या में प्रभु श्री राम के प्राणप्रतिस्था के बाद इस मस्जिद का निर्माण लोगो के अंदर फिर से भाईचारे का प्रतीक बनेगा और देश में शांति कायम होगा।

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