Wednesday, July 24, 2024

सनातन धर्म में प्राण प्रतिष्ठा का बहुत ज्यादा महत्व है…. मूर्ति स्थापना के समय प्राण प्रतिष्ठा जरूर किया जाता है।

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अयोध्या में बन रहा राम मंदिर भव्य और दर्शनीय है… लोग इसे देखने के लिए व्याकुल हैं….सभी राम भक्तों को 22 जनवरी का इंतजार है.. इस दिन रामलला के मंदिर का उद्घाटन होगा… मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम के बाल स्वरूप की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी….फिर राम भक्त अपने प्रभु के दर्शन कर पाएंगे…ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि प्राण प्रतिष्ठा क्यों जरूरी होती है..और राम मंदिर की खासियत क्या क्या हैं…
सनातन धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए साल 2024 का पहला महीना यानी जनवरी बहुत ही खास रहने वाला है….

ये महीना ऐतिहासिक होने वाला है, क्योंकि इस महीने में अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम के बाल स्वरूप की मूर्ति प्रतिष्ठित की जाएगी…. हिंदू धर्म में किसी भी मंदिर में की जाने वाली भगवान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का बहुत बड़ा महत्व होता है। धर्म गुरुओं की मानें तो मंदिर में भगवान की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बिना उनका पूजन अधूरा माना जाता है….

22 जनवरी को रामलला के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। ऐसे में बहुत से लोग इस बात को जानना चाहते हैं कि प्राण प्रतिष्ठा होती क्या है? तो चलिए जानते हैं कि मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा क्यों की जाती है और इसका धार्मिक महत्व क्या है

प्राण शब्द का अर्थ जीवन शक्ति है
प्रतिष्ठा का अर्थ है स्थापना से माना जाता है
प्राण प्रतिष्ठा का अर्थ है जीवन शक्ति की स्थापना करना या देवता को जीवन में लाना

अब आपको प्राण प्रतिष्ठा का मतलब भी समझाते हैं
कोई भी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा से पहले पूजा के योग्य नहीं मानी जाती है
प्राण प्रतिष्ठा के जरिए मूर्ति में जीवन शक्ति का संचार करके उसे देवता के रूप में बदला जाता है
प्राण प्रतिष्ठित किए जाने के बाद खुद भगवान उस प्रतिमा में उपस्थित हो जाते हैं

प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान के लिए सही तिथि और शुभ मुहूर्त का होना जरूरी
अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. 22 जनवरी को रामलला को गर्भ गृह में स्थापित करने के साथ ही सदियों से चल रहा राम भक्तों का इंतजार खत्म हो जाएगा…. 22 जनवरी से लेकर 25 मार्च तक अयोध्या में खास कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इस दौरान अयोध्या में राम कथा, प्रवचन और रामलीला चलती रहेगी. राम मंदिर दुनिया का सबसे भव्य मंदिर होगा जो कई तरह की विशेषताओं से लैस होगी…चलिए आपको राम मंदिर से जुड़ी खास बातें भी एक-एक कर दिखाते हैं.. अयोध्या में बन रहे इस
भव्य मंदिर की लंबाई 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है ये मंदिर तीन मंजिला होगा और हर एक मंजिल की ऊंचाई 20 फीट होगी इसमें कुल 392 खंभे और 44 द्वार होंगे प्रभु श्रीराम का बालरूप मुख्य गर्भगृह में होगा

प्रथम तल पर श्रीराम दरबार होगा मंदिर में पांच मंडप होंगे जिसमें नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप होंगे राम मंदिर में लगे खंभों और दीवारों में देवी-देवता और देवांगनाओं की सुंदर मूर्तियां उकेरी गई हैं मंदिर के चारों ओर बड़ी-बड़ी दीवारें होंगी इन दीवारों के चारों कोनों पर सूर्यदेव,मां भगवती,गणपति और भगवान शिव के मंदिर बनाए जाएंगे मंदिर परिसर के दक्षिण पश्चिमी भाग में नवरत्न कुबेर टीला पर भगवान शिव के प्राचीन मंदिर का जीर्णो‌द्धार किया गया है यहां जटायु की प्रतिमा भी स्थापित की गई है इस भव्य मंदिर के निर्माण में लोहे का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया है

आपको ये जानकर भी खुशी होगी कि भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के लिए देश-विदेश से रामभक्तों ने दिल खोलकर दान दिया है. जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की नींव रखी गई तो किसी को यकीन नहीं था कि रामभक्त इस कदर दान करेंगे कि उसके ब्याज के पैसे से ही मंदिर का पहला तल बनकर तैयार हो जाएगा. अयोध्या के राम मंदिर में दान करने वाले एक से बढ़कर एक रामभक्त हैं. अब तक राम मंदिर को करीब 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक का दान मिल गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्क के मुताबिक, मंदिर के समर्पण निधि वाले अकाउंट में ही अब तक 3200 करोड़ रुपए आ चुके हैं….यहां ध्यान देने वाली बात है कि राम मंदिर ट्रस्ट ने देश के 11 करोड़ लोगों से 900 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा था… मगर दिसंबर तक भगवान राम के मंदिर के लिए करीब 5 हजार करोड़ से अधिक का दान मिल चुका है…अब इंतजार है तो बस 22 जनवरी का..जब राम आएंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब रामलला के बालरूप की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे, तब यह अवसर न सिर्फ इस धार्मिक नगरी के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से उत्कर्ष का होगा, बल्कि अवध की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार बन जाएगा…अभी संपूर्ण मंदिर बनकर तैयार होने में दो साल और लगेंगे… आने वाले 2 सालों के बाद पूरे विश्व में राम मंदिर की दिव्यता और भव्यता निखर कर सामने आ जाएगी.

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