Wednesday, July 24, 2024

Arvind Kejriwal की गिरफ्तारी से आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका, पार्टी को एकजुट रखने की बढ़ गई चुनौती

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कुसुम ठाकुर

न्यूज़ डेस्क : (GBN24)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की गिरफ्तारी के बाद सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ हैं, अब आम आदमी पार्टी (AAP) के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामने आकर खड़ी हो गई है। यह चुनौती दिल्ली में सरकार चलाने से भी बड़ी है, और वो हैं आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की चुनौती, क्योंकि अब तमाम बड़े नेताओं के बाद पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल भी गिरफ्तार हो चुके हैं.

अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से आम आदमी पार्टी को एकजुट रखने की चुनौती बढ़ गई है, क्योंकि 12 साल पहले बनी पार्टी में तमाम लोग अपने भविष्य को देखते हुए जुड़े थे, मगर पार्टी के तीन वरिष्ठ नेताओं के जेल चले जाने से पार्टी के कार्यकर्ताओं को झटका लगा है,दरअसल दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल शराब नीति घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में PMLA कोर्ट में पेश किया गया।

PMLA कोर्ट क्या हैं ?

साल 2002 में धन शोधन निवारण अधिनियम या Prevention of Money Laundering Act (PMLA) को पारित किया गया था. उसके बाद 1 जुलाई 2005 में इस अधिनियम को लागू कर दिया गया. प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट का काम गैरकानूनी तरीके से कमाए गए धन पर रोक लगाना है, बता दें कि गैर-कानूनी तरीकों से कमाई गई ब्लैक मनी को कानूनी तरीके से कमाए गए धन के रूप में बदलना यानी व्हाइट मनी बनाने को मनी लॉन्ड्रिंग कहा जाता है.

दूसरे शब्दों में कहें तो मनी लॉन्ड्रिंग अवैध रूप से कमाए गए पैसे को छिपाने का एक तरीका है. वहीं गैर-कानूनी धन की हेरा-फेरी करने वालों को लाउन्डर कहा जाता है. इस हेराफेरी के लिए लाउन्डर द्वारा कई तरीके अपनाए जाते हैं. गैरकानूनी धन की इसी हेराफेरी को रोकने के लिए प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट बनाया गया है. इस एक्ट का मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग पर पूरी तरह रोक लगाना है. इसके अलावा इस एक्ट का अन्य उद्देश्य आर्थिक अपराधों में काले धन के इस्तेमाल को रोकना, मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल या उससे मिली संपत्ति को जब्त करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े दूसरे अपराधों पर अंकुश लगाना है

पार्टी में केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया का जनाधार

बता दें पार्टी में केजरीवाल के बाद अगर जनाधार वाला कोई नेता हैं, तो वह है पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिसा, लेकिन वो तो पहले से ही जेल में हैं। दूसरे संजय सिंह की बात करे तो वो भी जेल में हैं। फ़िलहाल आप के पास इस समय एक भी ऐसा नेता नहीं है, जो कार्यकर्ताओं को एकजुट रख सके। आप के लिए अभी तक का यह सबसे नाजुक समय है। साथ में आपको यह भी बता चले की केजरीवाल की गिरफ्तारी से बड़ा संकट यह भी खड़ा हाे गया है, कि पार्टी अभी राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कार्यक्रम चला रही थी। और यह कार्यक्रम फरवरी 2023 में पार्टी के मिले राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के बाद और तेज कर दिया गया था।

आज आप की दिल्ली के अलावा पंजाब में पूर्ण बहुमत की सरकार है। आप अब देश भर में अपना तेजी से विस्तार चाहती है। दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले केजरीवाल इसका हरियाणा से शंखनाद कर चुके हैं। इसी रणनीति के तहत आम आदमी पार्टी ने भविष्य की याेजना के तहत कर्नाटक, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश पर फोकस बढ़ाने की रणनीति बनाई थी।

AAP के विधायक और सांसद कहां-कहां है

आम आदमी पार्टी का गठन नवंबर 2012 को हुआ था। वर्तमान में आम आदमी पार्टी के पास पूरे देश में 161 विधायक हैं। जिसमें 62 विधायक दिल्ली, 92 विधायक पंजाब में , दो विधायक गोवा में , और 5 विधायक गुजरात में हैं। इसके अलावा 10 राज्यसभा सदस्य भी हैं।वहीं, अब दिल्ली नगर निगम में भी आम आदमी पार्टी की सरकार बन चुकी है। हालांकि इन 11 साल में आप कई चुनाव बुरी तरह हारी भी है। अभी लोक सभा चुनाव के तारीखों का ऐलान हो चूका हैं, और ये सच भी है की केजरीवाल के गिरफ्तारी के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक जुट बनाये रखने की बड़ी चुनौती हैं, अब देखना ये होगा की पार्टी कैसे इस संकट की घड़ी को पार करेंगी .

 

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