Monday, December 5, 2022
spot_imgspot_img
HomeWorldहिजाब से आजादी के लिए सड़कों पर ईरान की मुस्लिम महिलाएं, नकाब...

हिजाब से आजादी के लिए सड़कों पर ईरान की मुस्लिम महिलाएं, नकाब उतार खुले बालों में बना रहीं वीडियो

spot_imgspot_img

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में महिलाओं के अलावा पुरुष भी ईरान के कानून के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त कर रहे हैं। कुछ वीडियो में महिलाओं को स्कार्फ और शॉल को गली में फेंकते हुए देखा जा सकता है।

इस्लामिक देश ईरान में हिजाब का जबरदस्त विरोध हो रहा है। ईरानी महिलाएं हिजाब के विरोध में सड़कों पर हैं। यही नहीं, वे पब्लिक में अपना नकाब हटाकर उसका वीडियो भी बना रही हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक ये महिलाएं हिजाब हटाने के वीडियो पोस्ट कर इस्लामिक रिपब्लिक के सख्त हिजाब नियमों का विरोध कर रही हैं। 

‘हिजाब एवं शुद्धता दिवस’ का जमकर विरोध

ईरानी कानून के मुताबिक महिलाओं को सार्व​जनिक तौर अपने बाल ढंकना अनिवार्य है। वैसे तो हिजाब को लेकर यहां अक्सर प्रदर्शन होते रहते हैं लेकिन मंगलवार को बड़ी संख्या में ईरानी महिलाओं ने देश भर में हिजाब विरोधी अभियान में भाग लिया। ईरान के अधिकारियों ने 12 जुलाई (मंगलवार) को ‘हिजाब एवं शुद्धता दिवस’ के रूप में घोषित किया था। इसी के विरोध में महिलाएं सड़कों पर उतरीं। 

हिजाब को गलियों में फेंक रही हैं ईरानी महिलाएं

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में महिलाओं के अलावा पुरुष भी ईरान के कानून के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त कर रहे हैं। कुछ वीडियो में महिलाओं को स्कार्फ और शॉल को सड़कों पर फेंकते हुए देखा जा सकता है। महिलाएं बिना हिजाब के पब्लिक ट्रांसपोर्ट और दुकानों में दिखाई दे रही हैं। वे खुले बालों में पब्लिक में घूम रही हैं।

हिजाब के लिए सेना को मैदान में उतारा
ईरान की सरकार ने हिजाब को अनिवार्य बनाने के लिए देश के सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश दिए हैं। सेना महिलाओं के लिए हिजाब अनिवार्य बनाने के सख्त प्रयास कर रही है। हालांकि इस सबके बावजूद महिलाओं के विरोध प्रदर्शन का स्तर बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिजाब का विरोध किया तो सरकार ने उसे काउंटर करने के लिए एक नया पैंतरा आजमाया। इस दौरान ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ‘हिजाब और शुद्धता’ समारोह का एक वीडियो प्रसारित किया। इसमें 13 महिलाओं को हरे रंग के हिजाब और लंबे सफेद वस्त्र पहने हुए दिखाया गया था। वे महिलाएं कुरान की आयतें पढ़कर नृत्य कर रही थीं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो का जमकर मजाक उड़ाया गया।
1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अनिवार्य हुआ था हिजाब
न्यूयॉर्क स्थित इंटरनेशनल कैंपेन फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान (ICHRI) ने 11 जुलाई को कहा था कि “12 जुलाई को देश में संभावित हिंसा हो सकती है और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है।” जिसके बाद एक समाचार एजेंसी ने बताया कि 11 जुलाई को ही कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद 9 वर्ष से अधिक उम्र की ईरानी महिलाओं और लड़कियों के लिए सार्वजनिक रूप से हिजाब अनिवार्य है। कई ईरानी महिलाओं ने वर्षों से शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है और सरकारी आदेश के खिलाफ अपने मन के कपड़े पहनने पर जोर दिया है। 
ईरान में हिजाब पहनने से इनकार करने पर महिलाओं को जेल या फिर भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। 2019 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान, तेहरान में रेव्यूलेशनरी कोर्ट के अध्यक्ष, मौसा गजनफराबादी ने चेतावनी दी थी कि कोई भी महिला जो अपना हिजाब हटाने का वीडियो शेयर करती है, उसे दस साल तक की जेल का सामना करना पड़ेगा।
spot_imgspot_img
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments