Monday, May 23, 2022
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मन की बात में:PM मोदी ने किया जाट राजा महेंद्र प्रताप को याद,मणिपुर और उत्तराखंड की भी चर्चा; संबोधन की 10 बड़ी बातें

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए आज देश को संबोधित किया। उनके संबोधन पर विधानसभा चुनाव का असर भी दिखा। इस दौरान उन्होंने जाट राजा महेंद्र प्रताप का जिक्र किया। वह बीएचयू का भी जिक्र करना नहीं भूले। पीएम मोदी ने उत्तराखंड और मणिपुर का भी जिक्र किया, जहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

मन की बात संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने एक टेक्निकल स्कूल की स्थापना के लिए अपना घर ही सौंप दिया था। उन्होंने अलीगढ़ और मथुरा में शिक्षा केंद्रों के निर्माण के लिए खूब आर्थिक मदद की।

मुझे खुशी है कि शिक्षा के प्रकाश को जन-जन तक पहुंचाने की वही जीवंत भावना भारत में आज भी कायम है। क्या आप जानते हैं कि इस भावना की सबसे सुन्दर बात क्या है ? वो ये है कि शिक्षा को लेकर ये जागरूकता समाज में हर स्तर पर दिख रही है।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में अभी पद्म सम्मान की भी घोषणा हुई है। पद्म पुरस्कार पाने वाले में कई ऐसे नाम भी हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ये हमारे देश के गुमनाम हीरो हैं, जिन्होंने साधारण परिस्थितियों में असाधारण काम किए हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “जैसे कि, उत्तराखंड की बसंती देवी जी को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। बसंती देवी ने अपना पूरा जीवन संघर्षों के बीच जीया।

इसी तरह मणिपुर की 77 साल की लौरेम्बम बीनो देवी दशकों से मणिपुर की Liba textile art का संरक्षण कर रही हैं। उन्हें भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।

कोरोना की नई wave से भारत बहुत सफलता के साथ लड़ रहा है ये भी गर्व की बात है कि अब तक करीब-करीब साढ़े चार करोड़ बच्चों ने कोरोना वैक्सीन की डोज ले ली है। इसका मतलब ये हुआ, कि 15 से 18 साल की आयु-वर्ग के लगभग 60 प्रतिशत युवाओं ने तीन से चार हफ्ते में ही टीके लगवा लिए हैं।

हमें भी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत को खुद अपने जीवन का हिस्सा बनाते हुए सब लोगों तक पहुँचाने का प्रयास करना चाहिए। हमारी संस्कृति, हमारे लिए ही नहीं, बल्कि, पूरी दुनिया के लिए एक अनमोल धरोहर है। दुनिया भर के लोग उसे जानना चाहते हैं, समझना चाहते हैं, जीना चाहते हैं।

इस वर्ष, आर्मी डे पर घोड़े विराट को सेना प्रमुख द्वारा COAS Commendation Card भी दिया गया। विराट की विराट सेवाओं को देखते हुए, उसकी सेवा-निवृत्ति के बाद उतने ही भव्य तरीक़े से उसे विदाई दी गई। घोड़ा विराट, 2003 में राष्ट्रपति भवन आया था और हर बार गणतंत्र दिवस पर Commandant charger के तौर पर परेड को Lead करता था।

जब किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष का राष्ट्रपति भवन में स्वागत होता था, तब भी, वो, अपनी ये भूमिका निभाता था। ऐसा ही एक दृश्य हमें इस बार गणतंत्र दिवस की परेड में भी देखने को मिला। इस परेड में President’s Bodyguards के चार्जर घोड़े विराट ने अपनी आख़िरी परेड में हिस्सा लिया।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत शिक्षा और ज्ञान की तपो-भूमि रहा है। हमने शिक्षा को किताबी ज्ञान तक तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे जीवन के एक समग्र अनुभव के तौर पर देखा है।

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