ऑनलाइन कनेक्शन भी मजबूत कर रहे हैं।
YouTube इंडिया और SmithGeiger की नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 14–24 वर्ष की उम्र के 83% Gen Z युवा खुद को कंटेंट क्रिएटर मानते हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से अधिकांश युवा टियर-2 और टियर-3 शहरों से हैं, जो दिखाता है कि डिजिटल क्रिएटिविटी अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रही।
फैंडम और ऑनलाइन समुदायों का प्रभाव
रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि 91% Gen Z फैंस ने पिछले साल फैंडम एक्टिविटीज़ में हिस्सा लिया। वहीं 93% युवा हफ़्ते में कम से कम एक बार YouTube का इस्तेमाल अपने पसंदीदा कंटेंट को फॉलो करने के लिए करते हैं। लगभग 62% युवा ऐसे फैंडम का हिस्सा हैं, जिसमें उनके दोस्त शामिल नहीं हैं, जो दर्शाता है कि विशेष रुचि वाले समूहों तेजी से ऑनलाइन उभर रहे हैं।
YouTube के टूल और फीचर्स से बढ़ रही क्रिएटिविटी
YouTube भारत के डायरेक्टर ईशान जॉन चटर्जी के अनुसार, प्लेटफॉर्म Gen Z क्रिएटर्स को YouTube Shorts, YouTube Create, Super Chats, Channel Memberships और मर्चेंडाइज जैसे टूल्स और फीचर्स के जरिए सशक्त बना रहा है। ये फीचर्स न केवल क्रिएटिविटी को बढ़ावा देते हैं, बल्कि युवा को अपने कंटेंट से जुड़ाव और कमाई का अवसर भी देते हैं।
छोटे शहरों के युवाओं की नई पहचान
टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा अब डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। ये युवा न केवल कंटेंट बना रहे हैं, बल्कि अपने समुदायों और निच फैंडम के जरिए ऑनलाइन कनेक्शन भी मजबूत कर रहे हैं।

















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