स्वच्छता अभियान से कबाड़ निपटान में रिकॉर्ड कमाई
केंद्र सरकार ने पिछले 5 वर्षों में विभिन्न मंत्रालयों और दफ्तरों से कबाड़ बेचकर ₹4088 करोड़ से अधिक की कमाई की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि विशेष स्वच्छता अभियान के तहत हासिल की गई है, जिसमें पुराने फर्नीचर, फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक सामानों को हटाया गया।
इस साल की कमाई ₹788 करोड़ से अधिक
मंत्री के अनुसार, वर्ष 2024 के अंत तक कुल ₹3300 करोड़ की कमाई हुई थी, जबकि स्वच्छता अभियान 5.0 (2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025) में ₹788.53 करोड़ की अतिरिक्त आय हुई। इस प्रकार, अब तक कुल राजस्व ₹4088.53 करोड़ तक पहुँच चुका है।
पीएम मोदी की पहल बनी जन आंदोलन
जितेंद्र सिंह ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण में स्वच्छता अभियान की अपील की थी, जिससे देशभर में जन आंदोलन शुरू हुआ। पहले ही वर्ष में चार लाख से अधिक शौचालय बनाए गए और अब यह अभियान सरकारी दफ्तरों की साफ-सफाई और बेकार सामग्री के पुनर्चक्रण तक विस्तृत हो चुका है।
231.75 लाख वर्गफुट जगह खाली हुई
अभियान के दौरान न केवल आर्थिक लाभ हुआ बल्कि लगभग 231.75 लाख वर्गफुट जगह को उत्पादक उपयोग के लिए खाली कराया गया। पहले यह जगह टूटी फर्नीचर, बेकार फाइलों और अन्य कबाड़ से भरी रहती थी। सिंह ने कहा कि यह कमाई किसी बड़े अंतरिक्ष मिशन या चंद्रयान अभियान के बजट के बराबर है।
‘वेस्ट टू वेल्थ’ की दिशा में नई तकनीकें
इस वर्ष का स्वच्छता अभियान 5.0 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ‘वेस्ट टू वेल्थ’ कार्यक्रम से भी जुड़ा रहा। इसमें कई नई तकनीकों का उपयोग हुआ — जैसे अस्पतालों के कचरे का पुनर्चक्रण (CSIR-NIIST त्रिवेंद्रम), खाद्य तेल का रीसाइक्लिंग (CSIR-IIP देहरादून) और स्टील स्लज से सड़क निर्माण (CSIR-CRRI दिल्ली)। यह पहल भारत को स्वच्छ और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ा रही है।













Leave a Reply