छात्र प्रदर्शन के दौरान कई जगह बिगड़े हालात
बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर अपना पक्ष रखा है। सरकार ने पुलिस पर लगाए गए बल प्रयोग के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान कई स्थानों पर हालात हिंसक हो गए थे। सरकार के मुताबिक, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
‘हां, सीवान में AK-47 से हुई थी फायरिंग’
सुप्रीम कोर्ट में बिहार सरकार ने स्वीकार किया कि सीवान में प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग हुई थी। सरकार का कहना है कि इस दौरान एक पुलिस जवान ट्रैप में फंस गया था। इस घटनाक्रम को राज्य सरकार ने प्रदर्शन के दौरान सामने आई गंभीर परिस्थितियों के उदाहरण के तौर पर अदालत के सामने रखा।

22 से 25 जुलाई के बीच 69 FIR, करीब 500 गिरफ्तार
सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे के अनुसार, 22 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन से जुड़े मामलों में कुल 69 FIR दर्ज की गईं। इस दौरान करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरकार ने अदालत को बताया कि कार्रवाई का उद्देश्य हिंसा और सार्वजनिक व्यवस्था में पैदा हुए व्यवधान को नियंत्रित करना था।
सुप्रीम कोर्ट में पुलिस कार्रवाई पर सरकार का पक्ष
बिहार सरकार के हलफनामे के बाद अब छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की भूमिका और बल प्रयोग को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने है। सरकार ने अपने जवाब में हिंसक घटनाओं, FIR और गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए कार्रवाई को परिस्थितियों के मुताबिक बताया है। अब अदालत में इस पूरे मामले पर आगे की सुनवाई के दौरान सरकार के दावों और पुलिस कार्रवाई से जुड़े पहलुओं पर चर्चा होगी।
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