एक फैसले से बदली तस्वीर, नौकरी बचाने सड़क पर उतरे कर्मचारी
झारखंड में JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद करीब 2250 उम्मीदवारों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। SO, ASO समेत विभिन्न पदों पर कार्यरत इन कर्मचारियों की नौकरी अब सवालों के घेरे में है। परीक्षा रद्द होने के फैसले ने उन युवाओं की चिंता बढ़ा दी है, जो चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकारी सेवा में योगदान दे रहे थे।
बारिश भी नहीं रोक पाई प्रदर्शन
नौकरी पर मंडराते संकट के विरोध में कर्मचारी भारी बारिश के बीच मंत्रालय के बाहर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौसम खराब होने के बावजूद वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यह सिर्फ नौकरी का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके परिवारों के भविष्य और वर्षों की मेहनत का सवाल है।

‘कल तक नौकरी थी, आज भविष्य अधर में’
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि कल तक वे सरकारी नौकरी कर रहे थे, लेकिन एक फैसले ने उनकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल दी। कई कर्मचारियों के मुताबिक, चयन प्रक्रिया में सफल होने के बाद उन्होंने नौकरी ज्वाइन की और अब परीक्षा रद्द होने से उनकी स्थिति अनिश्चित हो गई है।
सरकार के फैसले पर टिकी हजारों निगाहें
अब प्रदर्शनकारियों की नजर सरकार के अगले कदम पर है। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उनकी नौकरी को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल समाधान निकाला जाए। मंत्रालय के बाहर जारी प्रदर्शन ने JSSC CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले को लेकर सरकार के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या परीक्षा रद्द होने की कीमत नौकरी कर रहे 2250 युवाओं को चुकानी पड़ेगी?













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