संसद के मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपने राजनितिक एजेंडे को अंतिम रूप देने की तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने आज 16 जुलाई दिन गुरुवार को कांग्रेस के संसदीय दाल की अध्यक्ष सोनिया गाँधी के आवास पर पार्टी के शीर्ष नेताओ की अहम बैठक होने जा रही है। सोनिया गाँधी के आवास पर होने वाली इस बैठक में राहुल गाँधी , मल्लिकार्जुन खरगे , और के. सी. वेणुगोपाल समेत पार्टी के शीर्ष नेता शामिल होंगे। इस बैठक में संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान सरकार को किन मुद्दों पर घेरा जाए, इसे लेकर रणनीति तैयार की जाएगी।
सोनिया गांधी के घर होगी अहम बैठक
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा संसद के दोनों सदनों में पार्टी की रणनीति और विपक्षी दलों के साथ समन्वय पर भी चर्चा होने की संभावना है।
किन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस?
दरअसल, कांग्रेस मानसून सत्र में कई राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी कर रही है। पार्टी महंगाई, बेरोजगारी, किसानों से जुड़े मुद्दे, कानून-व्यवस्था, विदेश नीति और हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर सरकार से जवाब मांगने की रणनीति बना रही है। साथ ही, संसद के भीतर विपक्ष की एकजुटता बनाए रखने पर भी चर्चा होगी।
विपक्षी दलों के साथ तालमेल पर भी रहेगा फोकस
बैठक में सिर्फ कांग्रेस की रणनीति ही नहीं, बल्कि इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ समन्वय को लेकर भी मंथन किया जाएगा। पार्टी चाहती है कि संसद के भीतर विपक्ष एकजुट होकर सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरे, ताकि जनहित से जुड़े सवाल प्रभावी ढंग से उठाए जा सकें।

मानसून सत्र को लेकर बढ़ी सियासी हलचल
मानसून सत्र शुरू होने से पहले सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। एक ओर केंद्र सरकार ने भी सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अपने शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक कर संसद में विपक्ष की भूमिका को लेकर विस्तृत चर्चा करेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार मानसून सत्र काफी हंगामेदार रह सकता है।
सरकार कौन कौन से विधेयक पेश कर सकती है
सूत्रों के मुताबिक सरकार इस मानसून सत्र मे कई महत्त्वपूर्ण विधेयकों को पेश कर सकती है। इसमें कुछ विधेयक सबसे अधिक चर्चा में होंगे। जैसे परिसीमन विधेयक , महिला आरक्षण से जुड़े संवैधानिक संशोधन तथा साथ में वन नेशन वन इलेक्शन। इसके अलावा अन्य लंबित पड़े संवैधानिक संशोधन और प्रमुख विधेयकों को भी सरकार पेश कर सकती है।
परिसीमन विधेयक पर होगी सबकी नजर
बैठक प्रस्तावित परिसीमन (डीलिमिटेशन) विधेयक पर भी चर्चा हो सकती है। कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना एक स्पष्ट रुख तैयार कर रही है। और साथ ही साथ एक प्रभावी रणनीति बना रही है। इस मानसून सत्र के दौरान विपक्ष एकजुट होकर सरकार के समक्ष अपने मुद्दों को मजबूती से पेश करने की तैयारी में है।













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