दो दशक पुराना सरकारी आवास छोड़ने का निर्देश
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित उनके लंबे समय से आवंटित सरकारी बंगले को खाली करने का आदेश दिया गया है। भवन निर्माण विभाग (BCD) ने उन्हें नया बंगला 39 हार्डिंग रोड पर आवंटित किया है। राबड़ी देवी 2005 से पिछले लगभग 20 वर्षों से इस आवास में रह रही थीं।
नेता प्रतिपक्ष के रूप में मिला नया बंगला
BCD के संयुक्त सचिव और एस्टेट अधिकारी शिव रंजन द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि राबड़ी देवी को यह नया आवास बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के पद के आधार पर दिया गया है। यह बंगला तीन एकड़ में फैला हुआ है और आमतौर पर वरिष्ठ मंत्रियों के लिए आरक्षित माना जाता है। विभाग मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पुष्टि की कि नया आवास अधिक विशाल और उपयुक्त है।
RJD की सतर्क प्रतिक्रिया
इस आदेश के बाद RJD ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। पार्टी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है, इसलिए वे नोटिफिकेशन मिलने के बाद ही आधिकारिक रुख स्पष्ट करेंगे। राजद समर्थकों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह बदलाव चर्चा का विषय बना हुआ है।
2019 हाई कोर्ट आदेश की याद
यह कदम 2019 के पटना हाई कोर्ट के उस फैसले को फिर से चर्चा में ला रहा है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगले देने को “सार्वजनिक धन का दुरुपयोग” बताते हुए रद्द कर दिया गया था। कोर्ट ने कई पूर्व मुख्यमंत्रियों, जिनमें राबड़ी देवी भी शामिल थीं, को अपने आवास खाली करने का आदेश दिया था। बाद में उन्हें नेता प्रतिपक्ष की भूमिका के आधार पर बंगला पुनः आवंटित किया गया था।
नई सरकार और राजनीतिक पृष्ठभूमि का असर
यह बदलाव ऐसे समय पर आया है जब हाल ही में हुए 2025 बिहार चुनाव में एनडीए ने 202 सीटों के साथ प्रचंड जीत दर्ज की है। नीतीश कुमार ने पाँचवीं बार मुख्यमंत्री पद संभाला है, और प्रशासनिक फैसलों की गति तेज हुई है। इसी दौरान राबड़ी देवी, लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव IRCTC घोटाले में कोर्ट का सामना कर रहे हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक संवेदनशील बना हुआ है। यह आवास परिवर्तन बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत दे रहा है।













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