Advertisement

जयपुर में सड़कों पर एयर प्यूरीफायर, वायु प्रदूषण पर नियंत्रण की कोशिश

Air purifiers installed on Jaipur streets

जयपुर में बढ़ता वायु प्रदूषण

राजस्थान की राजधानी जयपुर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार, 14 नवंबर को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगभग 190 के स्तर पर दर्ज किया गया, जो ‘मॉडरेट’ श्रेणी में आता है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए प्रशासन ने शहर की सड़कों पर एयर प्यूरीफायर लगाने का कदम उठाया।

प्रमुख क्षेत्रों में एयर प्यूरीफायर

रिपोर्ट्स के अनुसार, ये एयर प्यूरीफायर जवाहर सर्कल और टोंक रोड सहित शहर के उच्च-ट्रैफिक क्षेत्रों में लगाए गए हैं। चार मॉड्यूलर “PAMARES” टावरों की ऊँचाई लगभग आठ मीटर है और ये प्रति घंटे लगभग एक मिलियन क्यूबिक मीटर हवा को फिल्टर कर सकते हैं।

परियोजना का कार्यान्वयन

इस परियोजना की शुरुआत 12 और 13 नवंबर की रात को की गई थी और इसे 15 नवंबर तक पूरी तरह से ऑपरेशनल करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन का दावा है कि इससे शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।

सोशल मीडिया पर मिली प्रतिक्रियाएँ

हालांकि, सोशल मीडिया पर एयर प्यूरीफायर की उपयोगिता को लेकर आलोचना भी हुई। रांबाग स्ट्रीट पर लगे “केज्ड” एयर प्यूरीफायर का वीडियो वायरल हुआ और नेटिज़न्स ने सरकार पर सवाल उठाए कि क्या यह वायु प्रदूषण कम करने का वास्तविक समाधान है। कई लोग सुझाव दे रहे हैं कि प्यूरीफायर लगाने के बजाय अधिक पेड़ लगाने चाहिए।

वायु गुणवत्ता और उपाय

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार, 0–50 ‘अच्छा’, 51–100 ‘संतोषजनक’, 101–200 ‘मॉडरेट’, 201–300 ‘खराब’, 301–400 ‘बहुत खराब’ और 401–500 ‘गंभीर’ माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी समाधान के लिए पेड़ लगाना, वाहनों और उद्योगों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित करना अधिक प्रभावी होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *