धर्मेंद्र का निधन और अंतिम संस्कार
वरिष्ठ अभिनेता धर्मेंद्र का सोमवार सुबह मुंबई में निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनकी अंतिम संस्कार क्रिया पवन हंस क्रिमेटोरियम में संपन्न हुई। अभिनेता पिछले महीने से बीमार थे और दिसंबर में उनका 90वां जन्मदिन होने वाला था।
स्वास्थ्य और अस्पताल में भर्ती
अक्टूबर में धर्मेंद्र सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे। उनके परिवार और टीम ने बताया कि वह स्थिर थे और पूरी जांच के लिए अस्पताल में रुके रहे। इसी वर्ष उन्होंने नेत्र प्रत्यारोपण (कॉर्नियल ट्रांसप्लांट) भी करवाया था।
सिनेमा की दुनिया में उनका योगदान
धर्मेंद्र ने अपने करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। वह “ही-मैन ऑफ बॉलीवुड” के नाम से मशहूर हुए। उनकी प्रमुख फिल्में जैसे “शोले”, “चुपके चुपके”, “फूल और पत्थर”, “सीता और गीता” आज भी याद की जाती हैं। उनका अभिनय शानदार हास्य, रोमांच और भावनाओं का बेहतरीन मिश्रण था।
जीवन और करियर की कहानी
धर्मेंद्र का जन्म 1935 में पंजाब के लुधियाना जिले के सहनेवाल गांव में हुआ। एक राष्ट्रीय टैलेंट प्रतियोगिता जीतने के बाद उन्होंने फिल्मी करियर की शुरुआत की। उनकी पहली फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ 1960 में रिलीज़ हुई थी, और इसके बाद उन्हें पहला बड़ा सफलता ‘शोला और शबनम’ से मिली।
सिनेमा में विरासत और शोक
धर्मेंद्र न केवल फिल्म इंडस्ट्री के प्रिय हीरो थे, बल्कि दर्शकों के लिए एक आइकन भी थे। उनके निधन पर अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, आमिर खान सहित कई उद्योग सहयोगी अंतिम संस्कार में पहुंचे। उनका योगदान छह दशकों से अधिक तक फैला और उनके रोल, विशेषकर “वीरू” का किरदार, सिनेमा प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा।

















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