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ED की जांच के घेरे में अनिल अंबानी, 17,000 करोड़ के फंड डायवर्जन केस में 14 नवंबर को माँग

Anil Ambani under ED investigation

ED ने फिर बुलाया अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए

कॉरपोरेट जगत के दिग्गज बिजनेसमैन अनिल अंबानी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 14 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। यह समन फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों से संबंधित है। बताया जा रहा है कि यह मामला करीब 17,000 करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन और बैंक लोन फ्रॉड से जुड़ा है।

पहले भी हो चुकी है अनिल अंबानी से पूछताछ

यह पहली बार नहीं है जब अनिल अंबानी से ED पूछताछ करने जा रही है। इससे पहले अगस्त 2025 में भी वे एजेंसी के सामने पेश हुए थे। उस वक्त उनसे कई कंपनियों के वित्तीय लेन-देन और विदेशों में भेजे गए पैसों के बारे में सवाल पूछे गए थे। अब एजेंसी ने मामले में नए सिरे से जांच शुरू की है और कई दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है।

ADA ग्रुप की कई कंपनियां जांच के दायरे में

ED की जांच का केंद्र रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी (ADA) ग्रुप की कई कंपनियां हैं। इनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM), रिलायंस होम फाइनेंस (RHFL), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (RCFL), रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (R-Infra) और रिलायंस पावर शामिल हैं। एजेंसी का आरोप है कि इन कंपनियों ने पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर बैंकों से हजारों करोड़ रुपये के लोन लिए और उन पैसों का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के अलावा अन्य जगहों पर किया गया।

फाइनेंशियल सेक्टर में बढ़ी हलचल, एजेंसियों की पैनी नजर

इस ताज़ा कार्रवाई के बाद वित्तीय क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। ED के अधिकारी लगातार बैंकिंग रिकॉर्ड्स, ऑडिट रिपोर्ट्स और विदेशी निवेश से जुड़े दस्तावेज खंगाल रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और कारोबारी हस्तियों से भी पूछताछ हो सकती है। एजेंसी ने साफ किया है कि “कोई भी बड़ा नाम कानून से ऊपर नहीं है” और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाई जाएगी।

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