नया नोट और विवादित नक्शा
नेपाल ने एक बार फिर सीमा विवाद की आग भड़का दी है।नेपाल राष्ट्र बैंक ने गुरुवार को नया 100 नेपाली रुपए का नोट जारी किया है, जिसमें लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी —तीनों भारतीय क्षेत्रों को नेपाल की सीमा में दिखाया गया है। इस कदम के सामने आते ही दोनों देशों के बीच चल रहा सीमा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
नोट के फीचर्स और डिजाइन
नेपाल के मुताबिक, नए नोट में अतिरिक्त सिक्योरिटी फीचर्स, नया नक्शा डिज़ाइन, वॉटरमार्क, और दृष्टिहीन लोगों के लिए स्पर्शीय चिह्न शामिल किए गए हैं। नोट की प्रिंटिंग चीन की एक कंपनी ने की है, जिसे पिछले साल यह कॉन्ट्रैक्ट मिला था। डिज़ाइन की मंज़ूरी मई 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री KP Sharma Oli की सरकार ने दी थी। नोट में Mount Everest, Rhododendron और बीच में विवादित नक्शे के साथ Ashoka Pillar भी दर्शाया गया है।
भारत का कड़ा रुख
भारत ने नेपाल के इस कदम को “एकतरफा कार्रवाई” बताते हुए कहा है कि इससे जमीनी हकीकत नहीं बदलती। भारत का साफ रुख है कि कालापानी क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भारत का हिस्सा है, और 1816 की सुगौली संधि पर भारत की व्याख्या इस दावे को साबित करती है।
सीमा विवाद का समाधान
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि सीमा विवाद नक्शों से नहीं, बल्कि बातचीत और साबित तथ्यों से तय होते हैं। ऐसे नक्शों के एकतरफा बदलाव से समाधान की दिशा प्रभावित होती है और समस्या और जटिल हो जाती है।
निष्कर्ष
नेपाल का यह कदम न केवल राजनीतिक तनाव बढ़ाता है, बल्कि दोनों देशों के बीच संवाद और समाधान की प्रक्रिया को भी मुश्किल बना सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सीमा विवाद का हल सिर्फ बातचीत और तथ्य आधारित समाधान से ही संभव है।













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