ईरान में फिर गूंजे धमाके, बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर एक दिन में दूसरी बार हमला। ईरान में एक बार फिर जोरदार धमाकों की खबर सामने आई है। दक्षिणी ईरान के रणनीतिक शहर बंदर अब्बास और केशम द्वीप के आसपास सोमवार को दोबारा विस्फोटों की आवाज सुनी गई। खास बात यह है कि एक ही दिन में इन इलाकों में दूसरी बार धमाकों की सूचना मिली है। ऐसे में पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। हालांकि, शुरुआती जानकारी के मुताबिक किसी भी नागरिक के हताहत होने या रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।
बंदर अब्बास और केशम द्वीप पर फिर सुनाई दिए धमाके
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोपहर के समय बंदर अब्बास के पश्चिमी हिस्से और केशम द्वीप के आसपास कई धमाकों की आवाज सुनाई दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी विस्फोटों की पुष्टि की। वहीं, कुछ रिपोर्टों में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियों या संभावित झड़पों की आशंका जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।
एक ही दिन में दूसरी बार हमले की खबर
इससे पहले सोमवार सुबह भी बंदर अब्बास में कम से कम दो बड़े धमाकों की सूचना सामने आई थी। इसके कुछ घंटे बाद दोबारा विस्फोटों की आवाज सुनाई देने से हालात और गंभीर माने जा रहे हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि दक्षिणी ईरान में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

अमेरिका के हमलों के बाद बढ़ा तनाव
दरअसल, ये घटनाएं ऐसे समय हुई हैं जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर नई कार्रवाई पूरी करने का दावा किया है। अमेरिका के मुताबिक, इस अभियान में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, ड्रोन और मिसाइल क्षमताओं के अलावा कुछ नौसैनिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
ईरान ने भी किया जवाबी हमला
वहीं, अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने भी जवाबी कदम उठाए हैं। ईरान ने क्षेत्र में मौजूद कुछ अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते तनाव के कारण पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
क्यों अहम है बंदर अब्बास?
बंदर अब्बास ईरान का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री बंदरगाह माना जाता है। यह शहर होर्मुज जलडमरूमध्य के बेहद करीब स्थित है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से में कच्चे तेल की सप्लाई होती है। यही वजह है कि इस इलाके में किसी भी सैन्य गतिविधि का असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल स्थानीय प्रशासन का कहना है कि धमाकों के बावजूद किसी नागरिक के घायल होने या रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के बीच यह आशंका भी जताई जा रही है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो मध्य पूर्व में तनाव और गहरा सकता है।














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