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26/11 मुंबई आतंक हमले की 17वीं बरसी पर श्रद्धांजलि, नेताओं ने जताया साहस और बलिदान को सम्मान

राष्ट्रपति और नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

26/11 मुंबई आतंक हमलों की 17वीं बरसी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने शहीदों और सुरक्षा बलों के साहस को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश उनके सर्वोच्च बलिदान को सदा याद रखेगा।

गृह मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर बल दिया

गृहमंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर भारत की केंद्रीय सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो-टॉलरेंस नीति को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नीति दुनिया भर में सराहना प्राप्त कर रही है और आतंकवाद केवल एक देश के लिए नहीं बल्कि पूरी मानव जाति के लिए चुनौती है।

राहुल गांधी ने शहीदों के साहस को याद किया

लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने 26/11 हमलों में शहीद हुए नागरिकों और सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत कभी उनके साहस, बलिदान और शहादत को नहीं भूलेगा।

हमले की भयावहता और निशाने

26/11 हमलों में 10 आतंकवादियों ने मुंबई के प्रमुख स्थानों को निशाना बनाया, जिसमें ताज और ओबेरॉय होटल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, नरीमन हाउस, कैम अस्पताल, मेट्रो सिनेमा और लियोपोल्ड कैफे शामिल थे। इस हमले में 166 लोग मारे गए और 300 से अधिक घायल हुए।

शहीदों की याद और न्याय की प्रक्रिया

आतंकवादियों में से नौ को मार गिराया गया, जबकि अजमल आमिर कासाब को जीवित पकड़ा गया। मई 2010 में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई और 2012 में पुणे की उच्च सुरक्षा जेल में उन्हें फांसी दी गई। लियोपोल्ड कैफे और नरीमन हाउस में गोलियों के निशान और अन्य स्थलों पर हमले की भयावह याद आज भी जीवित है।

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