घटना से पूरे राज्य में मचा आक्रोश
मध्य प्रदेश के श्योपुर ज़िले के एक सरकारी स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्यभर में आक्रोश फैल गया। वीडियो में छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल के बाहर ज़मीन पर बैठे हुए दिखाया गया, जिन्हें आलू की सब्ज़ी और अन्य भोजन पुराने अख़बारों पर परोसा जा रहा था। यह घटना विजयपुर ब्लॉक के हुल्लापुर गाँव स्थित प्राथमिक विद्यालय की है, जो एक माध्यमिक विद्यालय के परिसर में संचालित होता है।
प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन
वीडियो सामने आने के बाद श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक भोगाराम धाकड़ को निलंबित कर दिया और भोजन परोसने वाली स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) का अनुबंध रद्द कर दिया। उन्होंने सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिले के सभी स्कूलों में मध्याह्न भोजन वितरण की सख्ती से निगरानी करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
सफाई में लापरवाही का खुलासा
विजयपुर के उपखंड अधिकारी (SDM) अभिषेक मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि भोजन बनाने वाले कर्मचारियों ने बर्तन साफ नहीं किए थे, इसलिए उन्होंने बच्चों को कागज़ पर खाना परोसा। उस समय स्कूल का प्रधानाध्यापक अनुपस्थित था और एकमात्र अतिथि शिक्षक की लापरवाही सामने आई है। अब जब तक नया स्वयं सहायता समूह नियुक्त नहीं होता, भोजन की व्यवस्था माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक को सौंप दी गई है।
बच्चों को मिली स्टील की थालियाँ
घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए। कुछ ही दिनों बाद स्कूल को नई स्टील की प्लेटें उपलब्ध कराई गईं। शनिवार, 8 नवंबर को SDM अभिषेक मिश्रा, पूर्व मंत्री रामनिवास रावत और अन्य अधिकारियों ने स्वयं बच्चों के साथ बैठकर मिड-डे मील खाया। स्कूल परिसर को साफ-सुथरा किया गया और बच्चों को सम्मानपूर्वक भोजन परोसा गया।
सोशल मीडिया पर नेताओं की प्रतिक्रिया
इस घटना पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो साझा किया। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए लिखा कि “ये वही मासूम बच्चे हैं जिनके सपनों पर देश का भविष्य टिका है, और इन्हें सम्मान की एक थाली भी नहीं मिल रही।” उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार को शर्मिंदा होने की सलाह दी और कहा कि भाजपा का “विकास” केवल एक भ्रम है।
प्रशासन का आश्वासन और निगरानी
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि भविष्य में यदि किसी भी स्कूल से ऐसी शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित अधिकारियों और समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलास्तरीय और ब्लॉक स्तरीय समितियों को निर्देश दिया गया है कि मध्याह्न भोजन योजना (प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण) के तहत बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक और सम्मानजनक भोजन समय पर उपलब्ध कराया जाए।













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