Advertisement

सिंहस्थ कुंभ 2026: तपोवन में 1,825 पेड़ों की कटाई पर पर्यावरण और महापर्व तैयारियों में टकराव

Protesters gather in Tapovan, Nashik, opposing the cutting of 1,825 trees for Simhastha Kumbh 2026 “Sadhu Gram” construction

सिंहस्थ कुंभ और तपोवन का महत्व

नासिक, महाराष्ट्र: उत्तर महाराष्ट्र के नासिक में स्थित तपोवन का धार्मिक महत्व हिंदुओं के लिए अत्यधिक है। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान यहाँ गंगा जैसी पवित्र गोदावरी नदी में स्नान किया था। यही क्षेत्र आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला 2026–28 के आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है, जिसमें 10 मिलियन से अधिक श्रद्धालु और 4 लाख संत भाग लेने की उम्मीद है।

पेड़ों की कटाई पर विरोध

मेला आयोजन के लिए प्रशासन ने तपोवन में “साधु ग्राम” बनाने हेतु 1,825 पेड़ों को काटने का प्रस्ताव रखा। यह कदम पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों के गुस्से का कारण बन गया। हजारों लोग प्रदर्शन कर पेड़ों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ों को काटने की बजाय अन्य स्थलों पर अस्थायी व्यवस्था की जा सकती है।

जनसुनवाई और प्रशासन की पेशकश

नगर निगम ने 25 नवंबर को जनसुनवाई आयोजित की, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। निगम ने प्रस्ताव रखा कि 1,825 पेड़ों में से 700–1,100 काटे जा सकते हैं और 250 पुराने पेड़ों को चिन्हित करके बचाया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक काटे गए पेड़ के लिए 10 नए पौधे लगाने या पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन करने का विकल्प रखा गया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने इसे अस्वीकार कर दिया।

सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि

सिंहस्थ कुंभ का आयोजन राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय निकाय चुनाव नजदीक हैं, और भाजपा इस मेले को सामाजिक और चुनावी प्रभाव बढ़ाने के अवसर के रूप में देख रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मेला आयोजन के लिए 25,055 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

विकल्प और भविष्य की राह

विरोधियों और विपक्षी नेताओं ने प्रशासन को सुझाव दिया है कि साधुओं के लिए अन्य खुले स्थान या सरकारी गेस्ट हाउस का उपयोग किया जाए। अब राज्य सरकार के सामने चुनौती यह है कि क्या वह राजनीतिक लाभ के लिए पर्यावरणीय और धार्मिक संवेदनाओं की अनदेखी करेगी, या सभी हितधारकों के संतुलन से निर्णय लेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *