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पद्मभूषण से सम्मानित महान मूर्तिकार राम सुतार का निधन, कला जगत में शोक की लहर

Rest In Peace

प्रसिद्ध शिल्पकार का निधन

पद्मभूषण से सम्मानित विश्व-प्रसिद्ध मूर्तिकार और ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के डिजाइनर राम वनजी सुतार का 18 दिसंबर, 2025 को 100 वर्ष की आयु में नोएडा स्थित उनके आवास पर निधन हो गया । वे लंबे समय से उम्र संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से देशभर के कला प्रेमियों, शिल्पकारों और सांस्कृतिक जगत में गहरा शोक व्याप्त है। उन्हें भारतीय मूर्तिकला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले कलाकार के रूप में जाना जाता था।

कला यात्रा और पहचान

राम सुतार का जीवन कला को समर्पित रहा। उन्होंने अपने करियर में सैकड़ों ऐतिहासिक और प्रेरणादायक मूर्तियों का निर्माण किया। उनकी कृतियों में यथार्थ, भाव और राष्ट्रीय चेतना की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। उनकी सबसे चर्चित रचना विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमाओं में गिनी जाती है, जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।

सम्मान और उपलब्धियाँ

राम सुतार को “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” बनाने का मौका मिला। मूर्तिकार राम वंजी सुतार ने विश्व की सबसे ऊंची सरदार पटेल जी की मूर्ति का डिजाइन तैयार किया और बतौर मूर्तिकार मुख्य भूमिका निभाई है। कला के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए राम सुतार को पद्मभूषण सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें अनेक पुरस्कार प्राप्त हुए। उनके कार्यों को न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी सराहा गया।

अमिट विरासत

राम सुतार का निधन भारतीय मूर्तिकला के एक स्वर्णिम अध्याय का अंत है। उनकी रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी। राम सुतार केवल मूर्तिकार नहीं थे, बल्कि वे ऐसे कलाकार थे जिन्होंने अपने शिल्प के माध्यम से राष्ट्र की आत्मा को आकार दिया। उन्होंने देश के महान नेताओं और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की ऐसी प्रतिमाएं गढ़ीं, जो केवल पत्थर या धातु नहीं, बल्कि विचार और प्रेरणा का प्रतीक बन गईं। वे भले ही हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी कला और योगदान हमेशा जीवित रहेंगे।

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