राजनीतिक हलचल तेज
उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सियासी माहौल गरमा गया है। राज्य की पूर्व मंत्री ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक युवती की हत्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है।
जांच पर उठे सवाल
पूर्व मंत्री का कहना है कि अब तक की जांच में कई अहम सवालों के जवाब सामने नहीं आ पाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर हुई जांच से पीड़ित परिवार और आम जनता संतुष्ट नहीं है। ऐसे में CBI जैसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराना जरूरी हो गया है, ताकि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आ सके।
न्याय की मांग
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। यदि समय रहते निष्पक्ष न्याय नहीं मिला तो यह समाज के लिए गलत संदेश होगा। पूर्व मंत्री ने राज्य सरकार से अपील की कि वह राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर इस मामले में CBI जांच की सिफारिश करे।
सरकार पर बढ़ा दबाव
पूर्व मंत्री की इस मांग के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वहीं, अंकिता भंडारी के परिजन और आम नागरिक CBI जांच को न्याय की दिशा में एक अहम कदम मान रहे हैं। फिलहाल सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।













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