नई दिल्ली में संसद के मानसून सत्र के दौरान NEET पेपर लीक का मुद्दा एक बार फिर सियासी केंद्र में आ गया। संसद के भीतर सरकार को घेरने के बाद कांग्रेस ने अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले पर सरकार जवाब देने से बच रही है। वहीं, पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
PM आवास की ओर बढ़े कांग्रेस नेता
कांग्रेस के कई सांसद और वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करते हुए पहुंचे। प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसद शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग उठाई।
हालांकि, सुरक्षा कारणों से पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित बैरिकेडिंग के आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने वहीं धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

संसद से सड़क तक पहुंची लड़ाई
कांग्रेस का कहना है कि उसने संसद के भीतर भी इस मुद्दे को उठाया, लेकिन सरकार की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद पार्टी ने सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराने का फैसला किया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पेपर लीक की घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
जंतर मंतर पर दूसरी पार्टियों का जमावड़ा
जब कांग्रेस के सारे वरिष्ठ नेता पीएम मोदी के घर के सामने धरना दे रहे है तो वही दूसरी ओर दूसरी राजनितिक पार्टिया जंतर मंतर पर पहुंच रहे है। मंगलवार को एनसीपी के शरद पवार एवं सुप्रिया सुले जंतर मंतर पर पहुंच कर अभिजीत दीपके से मुलाकात की। वही अरविन्द केजरीवाल भी आज जंतर मंतर पर पहुंचे थे। बुधवार को उद्धव ठाकरे जंतर मंतर पर जायेंगे। समाजवादी पार्टी की नेता डिम्पल यादव सोमवार को छात्रों के आंदोलन बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि NEET परीक्षा की तैयारी करने वाले लाखों छात्रों और उनके परिवारों का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं ले रही। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती रहेगी।
प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत और भविष्य किसी भी राजनीति से बड़ा मुद्दा है। यदि परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, तो सरकार की जिम्मेदारी है कि वह पारदर्शी जांच कराए और छात्रों का विश्वास बहाल करे।
सरकार पहले ही दे चुकी है अपना पक्ष
इससे पहले एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने देगी। उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं को गंभीर अपराध बताते हुए दोषियों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी। सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और जहां भी गड़बड़ी मिली है, वहां कार्रवाई की जा रही है।
NEET विवाद पर सियासत तेज
NEET पेपर लीक का मुद्दा अब संसद से निकलकर सड़कों तक पहुंच चुका है। एक ओर विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, तो दूसरी ओर सरकार परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिला रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।













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