19 वर्षीय छात्र की आत्महत्या से परिवार में शोक
कल्याण के 19 वर्षीय कॉलेज छात्र अरनव खैरे ने आत्महत्या कर ली, जिससे पूरा परिवार सदमे में है। पिता का आरोप है कि उनके बेटे को हाल ही में ट्रेन में भाषा को लेकर हुए विवाद के कारण गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है।
पिता का आरोप: ट्रेन में हिंदी बोलने पर हमला
अर्जुन के पिता जितेंद्र खैरे ने कहा कि 18 नवंबर को मुलुंड कॉलेज जाते समय भीड़भाड़ वाली लोकल ट्रेन में अरनव ने हिंदी में कहा, “धक्का मत दीजिए, बहुत दबाव पड़ रहा है।”
इसी बात पर चार–पांच लोगों ने कथित रूप से उसे घेर लिया, उसे मराठी में न बोलने पर अपमानित किया और मारपीट की। शिकायत के अनुसार, अरनव ने उन लोगों को बताया था कि वह स्वयं मराठी है, फिर भी विवाद बढ़ता चला गया।
पुलिस की जांच: CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं
पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना की पुष्टि के लिए Kalyan रेलवे पुलिस के साथ मिलकर स्टेशन और ट्रेन के उपलब्ध CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। अधिकारी के अनुसार:
“भीड़ बहुत ज्यादा थी, इसलिए सटीक गवाह मिलना मुश्किल है। कई कोणों से जांच की जा रही है।”
पुलिस ने अरनव का मोबाइल भी जब्त किया है, ताकि किसी चैट, मैसेज या कॉल से तनाव के कारणों की जानकारी मिल सके।
परिवार ने बताया—घर लौटने पर मानसिक रूप से बेहद विचलित था
पिता के अनुसार, घटना के दिन अरनव घर लौटा तो वह बेहद परेशान और मानसिक रूप से अस्थिर दिख रहा था। उसी रात बाद में उसकी आत्महत्या की खबर मिली, जिसने परिवार को तोड़ दिया।
पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है।
भाषा की राजनीति पर आरोप–प्रत्यारोप
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाए भी सामने आईं।
मुंबई BJP अध्यक्ष अमित सताम ने एक्स पर उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को टैग करते हुए लिखा कि भाषा को लेकर समाज में “ज़हर बोने वाली राजनीति” ऐसे हादसों का कारण बन रही है। उन्होंने पोस्ट में कहा:
“एक मराठी लड़के को सिर्फ एक हिंदी वाक्य बोलने पर पीटा गया और उसने आत्महत्या कर ली—यह बेहद दुखद है।”

















Leave a Reply