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अजित पवार का आकस्मिक निधन: महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर

Ajit Pawar

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का आज सुबह एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। वह जिला पंचायत चुनाव प्रचार के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे, जहाँ उनका प्राइवेट एयरक्राफ्ट लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया | जिसके बाद विमान आग का गोला बना और आसपास चारों तरफ तेज धुआँ होने लगा | इस हादसे में विमान में सवार सभी 6 लोगों की मौत हो गई। 66 वर्षीय अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले 40 वर्षों से सक्रिय रहे और उनकी अचानक मौत ने राज्य में गहरा शोक फैला दिया।

क्रैश की भयावह स्थिति

सूत्रों के अनुसार, अजित पवार का विमान सुबह लगभग 9 बजे मुंबई से उड़ान भरने के बाद बारामती एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश कर रहा था। लैंडिंग के दौरान तकनीकी परेशानी और नियंत्रण खोने की वजह से विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना स्थल से आग और धुआं उठता देखा गया, जबकि मलबा पास के अस्पतालों तक फैला हुआ था। स्थानीय लोग और आपातकालीन सेवाएं हर संभव मदद में जुटी हुई है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

अजित पवार के आकस्मिक निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य नेताओं ने फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से अपने शोक और संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और विपक्षी नेताओं ने भी दुख जताया है। एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और अजित पवार का परिवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो चुका है।

जाँच और आगे की प्रक्रिया

अधिकारियों ने कहा है कि विमान हादसे की पूरी जांच की जाएगी। इसमें ब्लैक बॉक्स की पड़ताल, पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के रिकॉर्ड, विमान के मेंटेनेंस और उड़ान से जुड़े दस्तावेज़, मौसम और रनवे की स्थिति शामिल होंगी। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए फोटो और मलबे की स्थिति का भी विश्लेषण किया जाएगा। एनसीपी और राज्य सरकार इस मामले में निष्पक्ष और तेज़ जांच की मांग कर रहे हैं।

अजित पवार की विरासत और वर्तमान स्थिति

अजित पवार अपने साहसिक फैसलों, बेबाक टिप्पणियों और आम जनता से जुड़े रहने के लिए जाने जाते थे। उनकी मृत्यु से महाराष्ट्र में राजनीतिक शोक और अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है। परिवार, समर्थक और राज्यभर के लोग बारामती में राहत और शोक प्रकट करने के लिए जुटे हुए हैं। आगामी दिनों में उनके योगदान को याद किया जाएगा और राजनीतिक स्थिरता के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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