आर्थिक संकट के बीच IMF की बड़ी मदद
गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से एक और बड़ी राहत मिली है। IMF ने पाकिस्तान को लगभग 11 हजार करोड़ रुपए दूसरी किस्त का लोन मंजूर कर दिया है। आर्थिक गिरावट, बढ़ती महंगाई और कर्ज के दबाव के बीच यह राशि पाकिस्तान के लिए फिलहाल बड़ा सहारा मानी जा रही है।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद दूसरी बार मिली मंजूरी
यह मंजूरी पाकिस्तान के लिए खास इसलिए भी है क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर के बाद दूसरी बार है जब IMF ने उसे लोन दिया है। इससे पहले मई 2025 में IMF ने पाकिस्तान को 1.4 बिलियन डॉलर (₹12,600 करोड़) का ऋण जारी किया था। लगातार मिल रहे इन पैसों को IMF का पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता में विश्वास या दबाव दोनों रूप में देखा जा रहा है।
बढ़ते कर्ज ने बढ़ाई चिंता
IMF से मदद मिलने के बावजूद पाकिस्तान की आर्थिक हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। ताजा लोन जारी होने के बाद पाकिस्तान पर कुल कर्ज बढ़कर 25.66 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। इतनी बड़ी कर्ज राशि ने देश की वित्तीय संरचना को और कमजोर कर दिया है, जिससे भविष्य की किस्तें चुकाना भी बड़ी चुनौती बन चुका है।
विशेषज्ञ बोले—राहत तो मिली, समाधान नहीं
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि IMF का यह पैकेज सिर्फ अस्थायी राहत है, स्थायी समाधान नहीं। पाकिस्तान को संरचनात्मक सुधार, राजस्व बढ़ोतरी और खर्च नियंत्रण पर ध्यान देना होगा। वहीं, IMF की शर्त भी पाकिस्तान की आम जनता पर बोझ बढ़ा सकती हैं क्योंकि इनमें टैक्स में बढ़ोतरी, सब्सिडी में कटौती और कठोर आर्थिक नीतियाँ शामिल होती हैं। कुल मिलाकर, मदद तो मिली है लेकिन आर्थिक संकट से बाहर निकलने का रास्ता अभी भी लंबा और कठिन है।













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