SIR पर तीखी आलोचना
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने राज्य के मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग की नीतियों पर हमला किया। उन्होंने कहा कि पहला ड्राफ्ट रोल “आपदा” होगा। उन्होंने लोगों से कहा कि SIR को तीन साल में पूरा किया जाए, दो महीने में नहीं।
मतदाता अधिकार और केंद्र सरकार पर आरोप
ममता ने कहा कि अब लोग नहीं बल्कि सरकार तय कर रही है कि कौन मतदान करेगा। उन्होंने आधार, पैन और बैंक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा जो कहती है वही माना जाता है। उन्होंने चुनाव आयोग को सवाल किया कि SIR का आदेश किसकी सेवा में दिया गया और बंगाल तथा बंगाली भाषा को हराने की कोशिश की जा रही है।
मतुआ समुदाय और CAA को लेकर संदेश
बनर्जी ने मतुआ समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे CAA के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करते हैं तो वे खुद को बांग्लादेशी घोषित कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से डरने की बजाय अपने निर्णय खुद लेने की सलाह दी। बनर्जी ने आश्वासन दिया कि उनके रहते किसी को भी बाहर नहीं निकाला जा सकेगा।
बीजेपी पर तीखी टिप्पणियां और प्रशासनिक आरोप
ममता ने कहा कि बीजेपी ने SIR को अव्यवस्थित तरीके से लागू किया है, जिससे कई बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की मौतें हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि EVM और AI जैसी तकनीकों का इस्तेमाल मतदाताओं को भ्रमित करने और रोकने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित बलों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
चुनावी माहौल और भाजपा की प्रतिक्रिया
बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बनर्जी के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को जनता ने आजमाया और अस्वीकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों का पता लगाया जाएगा और उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जाएगा। इस बीच, बनर्जी को हेलीकॉप्टर की अनुमति न मिलने के कारण 104 किलोमीटर सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ी।













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