भूकंप से एक बार फिर कांप उठी भारत की धरती, महाराष्ट्र में महसूस किए गए झटके
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर धरती कांप उठी। हिंगोली जिले में सुबह करीब 11:26 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मापी गई। अधिकारियों के अनुसार, भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई में था। हाल ही में कुछ दिन पहले ही इसी जिले और आस-पास की जगहों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
3.5 दर्ज की गई तीव्रता
झटके महसूस होते ही कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। भूकंप की तीव्रता 3.5 दर्ज की गई, जो 5 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। यह भूकंप ऐसे समय में आया है, जब कुछ दिन पहले ही हिंगोली और पड़ोसी जिलों परभणी और नांदेड़ में भी इसी तरह के झटके महसूस किए गए थे।

हाल के दिनों में बढ़ी भूकंपीय गतिविधियां
हिंगोली और आसपास के इलाके पिछले कुछ दिनों से लगातार हल्के भूकंपों का सामना कर रहे हैं। इससे पहले 9 जुलाई को भी हिंगोली, नांदेड़ और परभणी जिलों में कुछ घंटों के भीतर कई झटके महसूस किए गए थे, जिनकी तीव्रता 3.6 से 4.6 के बीच दर्ज की गई थी। हालांकि उन घटनाओं में भी किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई थी। वहीं भारत समेत दुनियाभर में बीते कुछ समय से भूकंप की घटनाओं में तेजी आई है। ऐसे में भूकंप की वजह से लोगों के दिलों में खौफ हर रोज बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन ने लोगों से की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से शांत रहने और किसी भी तरह की अफवाहों से बचने की सलाह दी है। साथ ही कहा गया है कि यदि भविष्य में तेज झटके महसूस हों तो सुरक्षित स्थान पर जाएं और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। फिलहाल जिले में स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।
कैसे मापने हैं भूकंप की तीव्रता?
बता दें कि भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल के जरिए मापा जाता है। रिक्टर स्केल पर 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घर में रखा सामान अपनी जगह से नीचे गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता के भूकंप में भारी सामान और फर्नीचर भी हिल सकता है। 6 से 6.9 में इमारत का बेस दरक सकता है। 7 से 7.9 में इमारतें गिर जाती हैं। 8 से 8.9 में सुनामी का खतरा होता है और ज्यादा तबाही मचती है। 9 या ज्यादा में सबसे भीषण तबाही होती है।
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