भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज और टेस्ट क्रिकेट के भरोसेमंद खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो पोस्ट साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। पिछले कुछ समय से भारतीय टीम से बाहर चल रहे रहाणे ने आखिरकार अपने अंतरराष्ट्रीय करियर पर विराम लगा दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि क्रिकेट से उनका रिश्ता आगे भी बना रहेगा।
सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए किया रिटायरमेंट का ऐलान
अजिंक्य रहाणे ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट साझा करते हुए इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा। वीडियो में वह अपने क्रिकेट सफर को याद करते हुए भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम की जर्सी पहनना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और देश के लिए खेलना हमेशा गर्व की बात रही।
रहाणे ने अपने संदेश में कहा कि हर सफर की एक शुरुआत होती है और एक अंत भी। जब सही समय आता है, तो उस फैसले का सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का निर्णय लिया।
लंबे समय से टीम इंडिया से थे बाहर
पिछले कुछ वर्षों से अजिंक्य रहाणे भारतीय टीम का हिस्सा नहीं थे। उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला वर्ष 2023 में खेला था। इसके बाद से उन्हें लगातार टीम में जगह नहीं मिली। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ घोषित टेस्ट टीम में भी उनका नाम शामिल नहीं था। माना जा रहा है कि इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की उम्मीद छोड़ते हुए संन्यास का फैसला लिया।
टेस्ट क्रिकेट में बनाई अलग पहचान
हालांकि अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए तीनों प्रारूपों, टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल में खेला, लेकिन उनकी असली पहचान टेस्ट क्रिकेट में बनी। कठिन परिस्थितियों में शांत बल्लेबाजी और टीम को संभालने की क्षमता ने उन्हें भारतीय टेस्ट टीम का अहम खिलाड़ी बनाया। कई मौकों पर उन्होंने मुश्किल हालात में महत्वपूर्ण पारियां खेलकर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

टी20 से किया था इंटरनेशनल डेब्यू
दिलचस्प बात यह है कि टेस्ट विशेषज्ञ माने जाने वाले रहाणे ने सबसे पहले अगस्त 2011 में टी20 इंटरनेशनल के जरिए भारतीय टीम में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने वनडे और टेस्ट क्रिकेट में भी जगह बनाई।
उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में अपना आखिरी मुकाबला वर्ष 2016 में खेला। वहीं, वनडे क्रिकेट में भी 2018 के बाद उनकी वापसी नहीं हो सकी। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण रहा।
ऐसा रहा इंटरनेशनल करियर
अजिंक्य रहाणे का सबसे सफल प्रारूप टेस्ट क्रिकेट रहा। उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शतक और 26 अर्धशतक शामिल हैं।
इसके अलावा उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2962 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 3 शतक और 24 अर्धशतक निकले। वहीं, 20 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में उन्होंने 375 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल रहा।
कप्तानी में भी नहीं हारी टीम इंडिया
बल्लेबाजी के अलावा अजिंक्य रहाणे ने कप्तान के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने भारत की कप्तानी 6 टेस्ट मैचों में की, जिनमें टीम ने 4 मुकाबले जीते, जबकि 2 मैच ड्रॉ रहे। खास बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम को एक भी हार का सामना नहीं करना पड़ा।
रहाणे की कप्तानी का सबसे यादगार पल 2021 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतना रहा। उस ऐतिहासिक सीरीज में उन्होंने टीम का नेतृत्व किया और भारत ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद शानदार जीत दर्ज की।
वीडियो में छलका भावुक अंदाज
अपने विदाई संदेश में अजिंक्य रहाणे ने भारतीय टीम के साथ बिताए हर पल को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा और उन्होंने हमेशा पूरी ईमानदारी के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।
हालांकि अब उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्रिकेट से उनका जुड़ाव आगे भी बना रहेगा। रहाणे के इस फैसले के बाद भारतीय क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया, जबकि उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।















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