दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के बाद हुए बवाल और पुलिस और प्रदर्शनकारियो के बीच हुई झड़प के के बाद कई घटना क्रम सामने आये है। एक और दिल्ली हाई कोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्त्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से मेदांता अस्पताल ले जाने की अनुमति दे दी। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी ने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्र एवं युवाओ से मुलाकात करने के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे और उनका हालचाल पूछा। इस पुरे घटनाक्रम को लेकर राजधनी की राजनीती गरमा गयी है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने मेदांता करने की दी मंजूरी
सोनम वांगचुक की पत्नी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने उन्हें सफ़दरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल मेदांता स्थानांतरित करने की अनुमंती दे दी है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने भी कुछ शर्तो के साथ इस पर आपत्ति नहीं जताई। अदालत का यह फैसला वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति और परिवार की चिंता को देखते हुए आया है।
लंबे समय से अनशन पर हैं सोनम वांगचुक
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से CJP के आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इसके बाद उनके परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध अस्पताल में रखा गया है और निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति मांगी थी। इसी याचिका पर हाईकोर्ट ने मंगलवार को अहम आदेश सुनाया।
घायलों से मिले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी

इधर, संसद मार्च के दौरान घायल हुए छात्रों और प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पहुंचे। दोनों नेताओं ने घायलों का हालचाल जाना और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। वहीं प्रियंका गांधी ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी और सरकार से उनकी मांगों पर संवाद करने की अपील की।
प्रदर्शन के बाद दर्ज हुई FIR, जांच जारी
संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने और पथराव करने की कोशिश की, जबकि प्रदर्शनकारी पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगा रहे हैं। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
आंदोलन जारी, लेकिन मार्च फिलहाल नहीं
CJP की ओर से कहा गया है कि पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। इसी वजह से फिलहाल आगे कोई नया संसद मार्च आयोजित नहीं किया जाएगा। हालांकि, जंतर-मंतर पर धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। संगठन का कहना है कि उनकी मांगों पर समाधान निकलने तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
राजनीतिक हलचल तेज
दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल भी गर्मा दिया है। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत आगे बढ़ती है या नहीं, और सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर आगे क्या स्थिति बनती है।













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