Advertisement

दिल्ली दंगे मामले में आया बड़ा फैसला: उमर खालिद और शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत नहीं

Delhi Riots Case

जमानत से इनकार, एक साल की पाबंदी

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली दंगों से जुड़े चर्चित मामले में आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर एक कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया। अदालत ने न सिर्फ उनकी जमानत याचिका खारिज की, बल्कि यह भी साफ कर दिया कि दोनों आरोपी एक साल तक इस मामले में नई जमानत अर्जी दाखिल नहीं कर सकते। यह फैसला उन आरोपियों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जो लंबे समय से जेल में बंद हैं और राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे। कोर्ट का यह रुख यह दिखाता है कि गंभीर आरोपों वाले मामलों में न्यायपालिका कितनी सावधानी बरतती है।

पांच अन्य आरोपियों को राहत

जहां एक ओर उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत नहीं मिली, वहीं सुप्रीम कोर्ट ने इसी मामले के पांच अन्य आरोपियों को 12 सख्त शर्तों के साथ जमानत देकर संतुलन बनाने की कोशिश की। इन शर्तों का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आरोपी न तो सबूतों से छेड़छाड़ करें, न गवाहों को प्रभावित करें और न ही किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल हों। यह फैसला दिखाता है कि कोर्ट हर आरोपी की भूमिका और उसके खिलाफ मौजूद सामग्री को अलग-अलग नजर से देखती है।

करीब साढ़े पांच साल से जेल में बंद

उमर खालिद, शरजील इमाम समेत कुल सात आरोपी पिछले लगभग 5 साल 3 महीने से तिहाड़ जेल में बंद हैं। इतने लंबे समय तक बिना ट्रायल पूरा हुए जेल में रहना अपने आप में एक गंभीर सवाल खड़ा करता है। इन्हीं आधारों पर आरोपियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें UAPA कानून के तहत उन्हें जमानत देने से मना कर दिया गया था।

UAPA पर कोर्ट की अहम टिप्पणी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता संविधान का मूल आधार है और ट्रायल से पहले जेल को सजा नहीं माना जाना चाहिए। यह टिप्पणी नागरिक अधिकारों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लेकिन कोर्ट ने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि UAPA एक विशेष और सख्त कानून है, जिसमें जमानत के लिए कड़े मानदंड तय किए गए हैं। जहां सामान्य मामलों में आजादी को प्राथमिकता दी जाती है, वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून की सख्ती को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *