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ZEE5 से 48 घंटे में हटी ‘सतलुज’, क्या फिर बैन हुई दिलजीत दोसांझ की विवादित फिल्म?

ZEE5 से 48 घंटे में हटी ‘सतलुज’, क्या फिर बैन हुई दिलजीत दोसांझ की विवादित फिल्म?

3 साल के लंबे इंतजार के बाद सतलुज को 4 जुलाई को zee5 पर रिलीज किया गया। हालंकी रिलीज के 48 घंटे के अंदर, यानी 5 जुलाई को अचानक से प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। ऑडियंस से अच्छा रिस्पॉन्स मिलने के बाद बवाल फिल्म का इंडिया में ब्लॉक होना एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग टॉपिक बन चुकी सतलुज मूवी के पीछे की असली वजह क्या है और क्यों इस फिल्म को लेकर पिछले 3 साल से बवाल चल रहा है?

आइए जानते हैं पूरी कहानी

दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पिछले 3 सालों से पर्दे पर रिलीज होने का इंतजार कर रही थी। सिनेमा घरों में रिलीज न होने के बाद डायरेक्टर हनी त्रेहन ने इसे 3 जुलाई 2026 को OTT प्लेटफॉर्म Zee5 पर डिजिटल रिलीज करने का फैसला लिया।

फैंस अभी फिल्म देख ही रहे थे कि महज 48 घंटे के अंदर ZEE5 ने इसे इंडिया के यूजर्स के लिए अनअवेलेबल कर दिया। फिल्म के अचानक गायब होने से फैंस भड़क गए हैं और सोशल मीडिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। जिस वजह से यह खबर ट्रेंडिंग टॉपिक बन गई है।

सतलुज के पीछे की कहानी क्या है ?


सतलुज कोई आम फिल्म नहीं है, बाल्की यह पंजाब के मशहूर ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा की रियल लाइफ स्टोरी पर आधारित है। फिल्म में उनका किरदार दिलजीत दोसांझ ने निभाया है। जसवंत सिंह खालरा ने 1980 और 1990 के दौर में पंजाब उग्रवाद के दौरान गायब हुए हजारों बेनामी लोगों के गैर कानूनी आखिरी संस्कार का पर्दा फाश किया था। 1995 में उनका किडनैप करके उन्हें मार दिया गया था। यह मुद्दा बेहद सेंसिटिव है, इसीलिए फिल्म को लेकर शुरू से ही विवाद चल रहा है।


शुरुआत में इस फिल्म का नाम पंजाब 95 रखा गया था। जब इसे सिनेमा हॉल में रिलीज के लिए सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के पास भेजा गया, तो सेंसर बोर्ड ने इस पर पहले 21 कट्स लगाने का आदेश दिया फिर बाद में इन कट्स का नंबर बढ़ाकर 127 कर दिया। मेकर्स का आरोप है कि सीबीएफसी ने फिल्म से जसवंत सिंह खालड़ा का नाम तक हटाने को कह दिया था। डायरेक्टर हनी त्रेहन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था, “सीबीएफसी हमें उस शहीद का नाम हटाने को कह रहा है जिसे हमारे इतिहास से मिटाने की कोशिश की गई। यह 127 कट्स फिल्म पर नहीं, बाल्की देश की डेमोक्रेसी पर हैं।” मेकर्स ने मन से कट्स कर दिया, जिसके बाद फिल्म थिएटर्स में रिलीज़ नहीं हो सकी और अब ओटीटी पर रिलीज़ हुई थी।

फिल्म हटाने पर ZEE5 ने दी सफाई, जारी किया ऑफिशियल बयान

फिल्म को प्लेटफॉर्म से टेक डाउन करने के बाद ZEE5 ने एक ऑफिशियल बयान जारी कर सफाई दी है। ZEE5 ने कहा:
“सतलुज को मिल रहा रिस्पॉन्स, वाकाई बेहद शानदार था। हम इस फिल्म और इसके मेकर्स की क्रिएटिव विज़न के साथ मज़बूती से खड़े हैं। हाल ही में हुए घटनाओं को देखते हुए, अगले आदेश तक सतलुज इंडिया में अवेलेबल नहीं रहेगी। हम जल्द से जल्द कानूनी और सही तरीके से इसे वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।”

हालांकी, ZEE5 ने अपने बयान में यह साफ नहीं किया है कि उन्होंने यह कदम किसी लीगल नोटिस के बाद उठाया है या सेंसर बोर्ड के दबाव में।

दिलजीत दोसांझ को पहले से ही फ़िल्म के बैन होने का था डर , लाइव वीडियो में कहीं थी ये बात

फिल्म के मेन लीड दिलजीत दोसांझ को पहले से ही ऐसा लग रहा था कि फिल्म को बैन या रिमूव किया जा सकता है। फिल्म रिलीज होने के बाद एक इंस्टाग्राम लाइव में जब एक फैन ने उनसे पूछा कि ‘क्या फिल्म डिलीट हो जाएगी?’, तो दिलजीत ने मुस्कुराकर कहा था, “मुझे लगता है ये मंडे तक हट जाएगी। पर कोई बात नहीं, आप लोग डाउनलोड कर लो।” फिल्म हटने के बाद दिलजीत ने पंजाबी में एक इमोशनल पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि खालरा साहब की आवाज़ को 1995 में भी दबाया गया था और आज भी दबाया जा रहा है, पर उन्हें उम्मीद है कि एक दिन वक़्त बदलेगा और हाँ फिल्म इंडिया के हर घर में देखी जाएगी।

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