600वें टेस्ट में भारत की शानदार जीत
गॉल में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। भारत के 600वें टेस्ट को जीत के साथ यादगार बनाने में बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों की अहम भूमिका रही। पहली पारी में भारत ने 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसमें देवदत्त पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेली। केएल राहुल ने 82 और ध्रुव जुरेल ने 51 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके बाद गेंदबाजों ने श्रीलंका को 284 रन पर समेटकर भारत को 178 रन की अहम बढ़त दिलाई।
पहली पारी में ही दिखा सुथार का असर
भारत की दूसरी पारी 193 रन पर खत्म हुई और श्रीलंका को 372 रन का लक्ष्य मिला। चौथी पारी में यह लक्ष्य आसान नहीं था, खासकर गॉल की टर्निंग पिच पर। श्रीलंका ने चौथे दिन चार विकेट पर 84 रन बनाकर मुकाबले में थोड़ी उम्मीद जरूर बनाए रखी। लेकिन भारत के युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने पहली पारी में चार विकेट लेने के बाद दूसरी पारी में भी अपना जलवा बरकरार रखा। उनकी गेंदों में टर्न, ड्रिफ्ट और बाउंस का शानदार तालमेल देखने को मिला।
आखिरी दिन सुथार का स्पिन शो
पांचवें दिन धनंजय डी सिल्वा और सोनल दिनुशा ने 95 रन की साझेदारी कर भारत की चिंता बढ़ा दी थी। धनंजय ने 59 और सोनल दिनुशा ने 84 रन बनाए। ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका मुकाबले को थोड़ा और खींच सकता है, लेकिन तभी मानव सुथार ने मैच की दिशा बदल दी। उन्होंने सोनल दिनुशा को आउट किया, फिर प्रभात जयसूर्या को पहली ही गेंद पर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद लाहिरू कुमारा का विकेट लेकर सुथार ने दूसरी पारी में अपना पांचवां विकेट पूरा किया और अंततः 55 रन देकर 6 विकेट हासिल किए। पूरे मैच में उनके नाम 10 विकेट रहे और श्रीलंका की पारी 206 रन पर सिमट गई।

नंबर-8 पर बल्लेबाज या गेंदबाज? सुथार ने बढ़ाई बहस
मानव सुथार के इस प्रदर्शन ने टेस्ट टीम के नंबर-8 स्लॉट को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आमतौर पर इस स्थान पर ऐसे खिलाड़ी को प्राथमिकता दी जाती है जो निचले क्रम में उपयोगी रन बना सके। लेकिन गॉल में सुथार ने बल्ले से नहीं, गेंद से मैच जिताया। अपने दूसरे ही टेस्ट में 10 विकेट का मैच हॉल हासिल करना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ डेब्यू टेस्ट में भी उन्होंने पहली पारी में छह विकेट लिए थे। लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन ने संकेत दिया है कि सुथार भारतीय टीम के लिए एक उपयोगी स्पिन विकल्प बन सकते हैं।
पडिक्कल और सुथार ने लिखी जीत की कहानी
भारत की इस जीत में देवदत्त पडिक्कल का योगदान भी बेहद खास रहा। पहली पारी में 167 और दूसरी पारी में 44 रन बनाने वाले पडिक्कल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यानी गॉल टेस्ट में भारत की जीत बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बेहतरीन संतुलन का नतीजा रही। हालांकि आखिरी दिन श्रीलंका की उम्मीदों पर निर्णायक प्रहार मानव सुथार ने किया। गॉल ने फिलहाल एक बात साफ कर दी है—टेस्ट क्रिकेट में नंबर-8 की भूमिका सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं है। अगर कोई खिलाड़ी निचले क्रम में बल्लेबाजी के साथ गेंद से मैच का रुख बदल सकता है, तो वह टीम के लिए बेहद खास हथियार बन सकता है। अब सीरीज में भारत 1-0 से आगे है और नजरें अगले मुकाबले पर हैं कि क्या टीम इंडिया इसी जीत की लय को बरकरार रख पाएगी।
















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