FIR रद्द, लेकिन मामला पूरी तरह खत्म नहीं
‘इंडियाज़ गॉट लैटेंट’ विवाद में कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना समेत पांच लोगों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों और SMA को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से जुड़े मामलों में दर्ज सभी FIR रद्द करने का आदेश दिया है। इस फैसले से समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को भी राहत मिली है।
SC ने सकारात्मक कदमों का लिया संज्ञान
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान दिव्यांग लोगों के लिए किए गए जागरूकता और फंड जुटाने के प्रयासों का संज्ञान लिया। कोर्ट के मुताबिक, 14 से 16 मार्च 2026 के बीच दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की गई और दिव्यांगों के लिए काम करने वाले संगठनों को आर्थिक सहयोग भी दिया गया। अदालत ने कहा कि अगर युवा और प्रतिभाशाली लोग अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाते हैं, तो उसके अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं।

SMA जागरूकता पर भी आगे काम करेंगे
सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रतिवादियों की ओर से SMA यानी Spinal Muscular Atrophy से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता और सम्मान से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा भी जताई गई। कोर्ट ने बताया कि इस दिशा में NGO के साथ रचनात्मक बातचीत हुई है और आगे भी उसके मार्गदर्शन में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दिव्यांग लोगों से जुड़े व्यापक मुद्दे पर सुनवाई जारी रहेगी।
क्या था पूरा विवाद?
मामला ‘इंडियाज़ गॉट लैटेंट’ के एक एपिसोड से जुड़ा है, जिसमें दिव्यांग लोगों और SMA जैसी गंभीर बीमारी को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद विवाद खड़ा हुआ था। इसके बाद कई शिकायतें और आपराधिक मामले दर्ज हुए थे। जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने पांचों कॉमेडियंस पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। अब FIR रद्द होने के बावजूद कोर्ट ऑनलाइन और मनोरंजन से जुड़े कंटेंट में दिव्यांग लोगों की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए संभावित नियमों और दिशा-निर्देशों पर विचार करेगा।

















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