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मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड: ICU में लगी आग ने ली 5 जानें, 95 वर्षीय महिला ने दिखाई अद्भुत हिम्मत

Prasad Hospital

शॉर्ट सर्किट से ICU में भड़की आग

बिहार के मुजफ्फरपुर शहर स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने आईसीयू में अचानक भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। देखते ही देखते धुएं और लपटों ने पूरे अस्पताल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों के बीच चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया। जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन, पुलिस अधीक्षक, फायर ब्रिगेड की टीम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रहा। गंभीर मरीजों को एंबुलेंस के जरिए शहर के अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी।

95 वर्षीय राधा देवी बनीं साहस की मिसाल

इस भयावह हादसे के बीच 95 वर्षीय राधा देवी की बहादुरी की कहानी लोगों के लिए प्रेरणा बन गई। आईसीयू में भर्ती राधा देवी ने आग और शोर-शराबा महसूस होते ही अपने हाथ में लगी सलाइन की सुई स्वयं निकाल दी और हिम्मत दिखाते हुए स्ट्रेचर से उतरकर अस्पताल के दूसरे सुरक्षित हिस्से तक पहुंच गईं। दूसरी ओर उनका बेटा मां के लापता होने की आशंका में रोता-बिलखता रहा। करीब तीन घंटे बाद जब राधा देवी सुरक्षित मिलीं तो परिवार ने राहत की सांस ली और उन्हें घर ले गया।

मृतकों के परिजनों को मुआवजा, फायर सेफ्टी पर उठे सवाल

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही अन्य अस्पतालों में भर्ती मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। घटना के बाद बिजली विभाग की तकनीकी टीम ने अस्पताल पहुंचकर वायरिंग, स्वीकृत विद्युत लोड और शॉर्ट सर्किट के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस हादसे ने निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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