घरेलु हिंसा का शिकार बनी कमांडो काजल
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात महिला कमांडो काजल की मौत ने पूरे सिस्टम और समाज को झकझोर दिया है। जो महिला रोज़ खतरनाक अपराधियों का सामना करती थी, वही अपने ही घर में उस हिंसा का शिकार हो गई जिसे उसने प्यार समझा था। यह मामला सिर्फ एक हत्या का नहीं, बल्कि उस भरोसे के कत्ल का है जो शादी जैसे रिश्ते में किया जाता है।
सुरक्षित भविष्य का सपना टूटा
काजल ने साल 2023 में अपनी मर्जी से अंकुर से शादी की थी, जो रक्षा मंत्रालय में क्लर्क है। दोनों सरकारी नौकरी में थे, इसलिए काजल को लगा था कि जिंदगी सुरक्षित और सुकून भरी होगी। लेकिन शादी के कुछ ही दिन बाद उसका ये सपना टूट गया। आरोप है कि पति और ससुराल वाले दहेज को लेकर उसे लगातार प्रताड़ित करने लगे।
22 जनवरी को विवाद हुआ शुरू
काजल की मां के अनुसार, वह अक्सर मारपीट करता था और हर बार माफी मांगकर फिर वही हरकत दोहराता था। 22 जनवरी को घर में झगड़ा बढ़ गया और बात मारपीट तक पहुंच गई। यह झगड़ा इतना बढ़ा कि अंकुर ने गुस्से में काजल का सिर पहले चौखट और दीवार पर मारा, फिर डंबल से सिर पर वार कर दिया। इस हमले में काजल बेहोश हो गईं।
छह दिन की जंग
काजल को पहले दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल रेफर किया गया। वहां छह दिन तक उसने जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ी। इस बीच, भाई निखिल का दावा है कि अंकुर ने खुद फोन कर कहा था—“मैंने काजल को मार दिया है।” आखिरकार मंगलवार को काजल ने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के बाद बदली धाराएं
गाजियाबाद पुलिस से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की धाराएं बदल दी हैं। पहले दर्ज जानलेवा हमले का केस अब हत्या में तब्दील हो चुका है। अंकुर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल अंकुर को गिरफ्तार किया हुआ है | यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि घरेलू हिंसा, सिस्टम की चुप्पी और एक बहादुर महिला पुलिसकर्मी की टूटी जिंदगी की कहानी है।

















Leave a Reply