उद्घाटन के साथ खुला विकास का रास्ता
Narendra Modi ने आज 29 अप्रैल 2026 को हरदोई से देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स में से एक Ganga Expressway का उद्घाटन कर दिया है। उद्घाटन के साथ ही यह एक्सप्रेसवे आम जनता के लिए खोल दिया गया है, जिससे मेरठ से प्रयागराज तक की दूरी अब पहले से कहीं तेज और आसान हो गई है।
टोल सिस्टम और FASTag का गणित
इस एक्सप्रेसवे पर 2 मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैम्प टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जो एंट्री-एग्जिट को मैनेज करेंगे। टोल कलेक्शन क्लोज्ड सिस्टम के जरिए होगा। हालांकि FASTag दरों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक कार चालकों को करीब 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से शुल्क देना पड़ सकता है। यानी मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी के सफर के लिए लगभग 1515 रुपये का खर्च आ सकता है।
सालाना पास नहीं, लेकिन खास सुविधाएं जरूर
National Highways Authority of India (NHAI) का 3,075 रुपये वाला सालाना पास इस एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगा, क्योंकि इसका निर्माण Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority (UPEIDA) ने किया है। हालांकि यात्रियों के लिए रिटर्न जर्नी पास और मासिक पास जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे नियमित यात्रियों को टोल में राहत मिलेगी।
रिटर्न और मासिक पास का फायदा
रिटर्न जर्नी पास उन यात्रियों के लिए फायदेमंद है जो एक ही दिन में जाकर वापस आते हैं—उन्हें सिर्फ 1.6 गुना टोल देना होगा। वहीं मासिक पास उन लोगों के लिए है जो इस रूट पर 20 से ज्यादा बार यात्रा करते हैं। इससे स्थानीय निवासियों और डेली ट्रैवलर्स को विशेष छूट का लाभ मिलेगा।
594 किमी लंबा विकास का कॉरिडोर
2020 में मंजूरी मिलने के बाद 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर में इसका भूमिपूजन हुआ था। करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 6-लेन एक्सप्रेसवे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जूदापुर डांडू तक जाने वाला यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा को तेज बनाएगा, बल्कि यूपी के आर्थिक और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार दे रहा है।
















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