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बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की एंट्री, जन सुराज ने बनाया उम्मीदवार; बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की एंट्री,

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की एंट्री जनसुराज पार्टी का बड़ा दांव , बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर

पटना। बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की एंट्री, बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर घटनाक्रम सामने आया है जन सुराज पार्टी ने अपने संथापक प्रशांत किशोर को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए आधिकारिक उम्मींदवार घोषित कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही बिहार की सबसे चर्चित सीटों में शामिल बांकीपुर का चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। राजनितिक जानकारों का कहना है की प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने से इस सीट का मुकाबला हाई प्रोफाइल बन गया है।

जन सुराज ने किया आधिकारिक एलान

जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर की उम्मींदवारी कि घोषणा की। इसके साथ ही चल रही अटकलों पर विराम लग गया। दरअसल प्रशांत किशोर पिछले कुछ सप्ताह से बांकीपुर में जनसभाएं , पदयात्राएं और स्थानीय लोगो के साथ संवाद कार्यक्रम कर रहे थे ऐसे में उनकी संभावना पहले से ही लगाई जा रही थी।

बांकीपुर सीट क्यों बनी चर्चा का केंद्र?

बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक सीटों में गिनी जाती है। यह सीट लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। हाल ही में इस सीट के विधायक और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।

इसी वजह से इस सीट पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है। अब प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने के बाद मुकाबला और भी रोचक हो गया है।

पहली बार चुनावी मैदान में उतरेंगे प्रशांत किशोर

राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में देशभर में पहचान बनाने वाले प्रशांत किशोर पहली बार स्वयं चुनाव लड़ने जा रहे हैं। अब तक वे विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीति तैयार करते रहे हैं, लेकिन इस बार वे खुद जनता के बीच वोट मांगेंगे।

उम्मीदवार घोषित होने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि वे पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हैं और पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि जनता का समर्थन मिला तो वे विधानसभा में बांकीपुर की आवाज प्रभावी ढंग से उठाने का प्रयास करेंगे।

क्या बदल सकते हैं बिहार के राजनीतिक समीकरण?

प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी को केवल एक उपचुनाव नहीं, बल्कि बिहार की भविष्य की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। एक ओर जन सुराज इस चुनाव के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत साबित करना चाहती है, तो दूसरी ओर बीजेपी अपने मजबूत गढ़ को बचाने की चुनौती का सामना करेगी।

वहीं, महागठबंधन के भीतर भी उम्मीदवार चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है।

30 जुलाई को होगा मतदान

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। इसके बाद मतगणना 3 अगस्त को होगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने स्तर पर चुनाव प्रचार की तैयारी शुरू कर दी है।

जन सुराज के लिए क्यों अहम है यह चुनाव?

जनसुराज पार्टी के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा का माना जा रहा है दरसल पार्टी की स्थापना के बाद यह पहला अवसर है जब प्रशांत किशोर स्वयं चुनावी मैदान में उतर रहे है।

यदि पार्टी इस सीट पर अच्छा प्रदर्शन करती है, तो बिहार की राजनीति में जन सुराज की स्थिति मजबूत हो सकती है। दूसरी ओर यदि परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं रहे, तो पार्टी की आगे की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए यह उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि जन सुराज के राजनीतिक भविष्य की भी परीक्षा माना जा रहा है।

कुल मिलाकर बांकीपुर विधान सभा उप चुनाव में प्रशांत किशोर को उम्मींदवार बनाये जाने के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गयी है एक ओर बीजेपी अपनी पारम्परिक सीट बचाने के तैयारी में जुटी है तो दूसरी और जनसुराज इस चुनाव को अपनी राजनीति ताकत दिखाने का बड़ा अवसर मान रही है अब सभी की नजरे इस बात पर टिकी है कि अन्य दल किसे मैदान में उतारते है और बांकीपुर की जनता किसके पक्ष में अपना फैसला सुनाती है।

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